अहबार 4:31 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201931 और वह उसकी सारी चर्बी को अलग करे जैसे सलामती के ज़बीहे की चर्बी अलग की जाती है, और काहिन उसे मज़बह पर राहतअंगेज़ ख़ुशबू के तौर पर ख़ुदावन्द के लिए जलाए। यूँ काहिन उसके लिए कफ़्फ़ारा दे, तो उसे मु'आफ़ी मिलेगी। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस31 फिर वह उस की सारी चरबी उस तरह निकाले जिस तरह वह सलामती की क़ुरबानियों की चरबी निकालता है। इसके बाद वह उसे क़ुरबानगाह पर जला दे। ऐसी क़ुरबानी की ख़ुशबू रब को पसंद है। यों इमाम उस आदमी का कफ़्फ़ारा देगा और उसे मुआफ़ी हासिल हो जाएगी। See the chapter |