अहबार 27:8 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 लेकिन अगर कोई तेरे अन्दाज़े की निस्बत कम मक़दूर रखता हो, तो वह काहिन के सामने हाज़िर किया जाए और काहिन उसकी क़ीमत ठहराए, या'नी जिस शख़्स ने मिन्नत मानी है उसकी जैसी हैसियत ही वैसी ही क़ीमत काहिन उसके लिए ठहराए। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस8 अगर मन्नत माननेवाला मुक़र्ररा रक़म अदा न कर सके तो वह मख़सूस किए हुए शख़्स को इमाम के पास ले आए। फिर इमाम ऐसी रक़म मुक़र्रर करे जो मन्नत माननेवाला अदा कर सके। See the chapter |