अहबार 21:9 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 और अगर काहिन की बेटी फ़ाहिशा बनकर अपने आप को नापाक करे तो वह अपने बाप को नापाक ठहराती है, वह 'औरत आग में जलाई जाए। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस9 किसी इमाम की जो बेटी ज़िनाकारी से अपनी मुक़द्दस हालत को ख़त्म कर देती है वह अपने बाप की मुक़द्दस हालत को भी ख़त्म कर देती है। उसे जला दिया जाए। See the chapter |