अहबार 2:9 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 और काहिन उस नज़्र की क़ुर्बानी में से उसकी यादगारी का हिस्सा उठा कर मज़बह पर जलाए, यह ख़ुदावन्द के लिए राहतअंगेज़ ख़ुशबू की आतिशी क़ुर्बानी होगी। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस9 फिर इमाम यादगार का हिस्सा अलग करके उसे क़ुरबानगाह पर जला दे। ऐसी क़ुरबानी की ख़ुशबू रब को पसंद है। See the chapter |