अहबार 15:30 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201930 और काहिन एक को ख़ता की क़ुर्बानी के लिए और दूसरे को सोख़्तनी क़ुर्बानी के लिए पेश करे, यूँ काहिन उसके नापाक ख़ून के जिरयान के लिए ख़ुदावन्द के सामने उस की तरफ़ से कफ़्फ़ारा दे। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस30 इमाम उनमें से एक को गुनाह की क़ुरबानी के लिए और दूसरे को भस्म होनेवाली क़ुरबानी के लिए चढ़ाए। यों वह रब के सामने उस की नापाकी का कफ़्फ़ारा देगा। See the chapter |