यरमियाह 51:64 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201964 और कहना, 'बाबुल इसी तरह डूब जाएगा, और उस मुसीबत की वजह से जो मैं उस पर डाल दूँगा, फिर न उठेगा और वह मान्दा होंगे।” यरमियाह की बातें यहाँ तक हैं। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस64 बोलें, ‘बाबल का बेड़ा इस पत्थर की तरह ग़रक़ हो जाएगा। जो आफ़त मैं उस पर नाज़िल करूँगा उससे उसे यों ख़ाक में मिलाया जाएगा कि दुबारा कभी नहीं उठेगा। वह सरासर ख़त्म हो जाएगा’।” यरमियाह के पैग़ामात यहाँ इख़्तिताम पर पहुँच गए हैं। See the chapter |