43 ख़ौफ़ और गढ़ा और दाम तुझ पर मुसल्लत होंगे, ऐ साकिन — ए — मोआब, ख़ुदावन्द फ़रमाता है।
43 ऐ मोआबी क़ौम, दहशत, गढ़ा और फंदा तेरे नसीब में हैं।”