यरमियाह 46:8 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 मिस्र दरिया-ए-नील की तरह उठता है, और उसका पानी सैलाब की तरह मौजज़न है; और वह कहता है, 'मैं चढ़ूँगा और ज़मीन को छिपा लूँगा मैं शहरों को और उनके बशिन्दों को हलाक कर दूँगा। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस8 मिसर दरियाए-नील की तरह चढ़ रहा है, वही सैलाब बनकर सब कुछ ग़रक़ कर रहा है। वह कहता है, ‘मैं चढ़कर पूरी ज़मीन को ग़रक़ कर दूँगा। मैं शहरों को उनके बाशिंदों समेत तबाह करूँगा।’ See the chapter |