दानियाल 8:5 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 और मैं सोच ही रहा था कि एक बकरा पश्चिम की तरफ़ से आकर तमाम ज़मीन पर ऐसा फिरा कि ज़मीन को भी न छुआ, और उस बकरे की दोनों आँखों के बीच एक 'अजीब सींग था। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस5 मैं उस पर ग़ौर ही कर रहा था कि अचानक मग़रिब से आते हुए एक बकरा दिखाई दिया। उस की आँखों के दरमियान ज़बरदस्त सींग था, और वह ज़मीन को छुए बग़ैर चल रहा था। पूरी दुनिया को उबूर करके See the chapter |