दानियाल 4:22 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201922 ऐ बादशाह, वह तू ही है जो बढ़ा और मज़बूत हुआ, क्यूँकि तेरी बुज़ुर्गी बढ़ी और आसमान तक पहुँची और तेरी सल्तनत ज़मीन की इन्तिहा तक। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस22 ऐ बादशाह, आप ही यह दरख़्त हैं! आप ही बड़े और ताक़तवर हो गए हैं बल्कि आपकी अज़मत बढ़ते बढ़ते आसमान से बातें करने लगी, आपकी सलतनत दुनिया की इंतहा तक फैल गई है। See the chapter |