दानियाल 2:1 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 और नबूकदनज़र ने अपनी सल्तनत के दूसरे साल में ऐसे ख़्वाब देखे जिनसे उसका दिल घबरा गया और उसकी नींद जाती रही। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस1 अपनी हुकूमत के दूसरे साल में नबूकदनज़्ज़र ने ख़ाब देखा। ख़ाब इतना हौलनाक था कि वह घबराकर जाग उठा। See the chapter |