2 समुएल 15:4 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 और अबीसलोम यह भी कहा करता था कि “काश मैं मुल्क का क़ाज़ी बनाया गया होता तो हर शख़्स जिसका कोई मुक़द्दमा या दा'वा होता मेरे पास आता और मैं उसका इन्साफ़ करता।” See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस4 फिर वह बात जारी रखता, “काश मैं ही मुल्क पर आला क़ाज़ी मुक़र्रर किया गया होता! फिर सब लोग अपने मुक़दमे मुझे पेश कर सकते और मैं उनका सहीह इनसाफ़ कर देता।” See the chapter |