कुलुस्सियो 2:5 - Halbi5 मान्तर मय देंह चो भाव ले तुमचो ले लापी आसे, तेबले बले आत्मिक भाव ले तुमचो लगे आसे, आउर तुमचो बने बुनाया जीवना के आउर तुमचो बिश्वास चो, जोन मसीह ने आसे, जमखम दकुन भाती हरिक होऊँ आंय। See the chapterपरमेस्वर को सच्चो वचन ख जाननू5 लेकिन मी सरीर को भाव से तुम से दुर हूँ तोभी आत्मिक भाव से तुम्हारो पास हूँ, अर तुम्हारो व्यवस्थित जिन्दगी ख अर तुम्हारो भरोसा की, जे मसी म हैं दृढ़ता देख ख परसन होवा हैं। See the chapter |