याकूब 4:4 - गढवली नयो नियम4 हे विश्वासघाती लुखुं अर व्यभिचारी लुखुं क्य तुम यु नि जंणद्यां, कि दुनिया बट्टी प्रेम रखण मतलब पिता परमेश्वर दगड़ी बैरभाव रखण च, इलै जु कुई दुनिया को दगड़िया बनण चांद, त उ अपड़ा आप तैं पिता परमेश्वर को बैरी बणादो। See the chapterGarhwali4 हे बिस्वासघात करण वळा लोगु, क्या तुम नि जणद्यां, कि दुनियां की बुरी बातों से प्यार करण को मतलब, परमेस्वर बटि नफरत करण च? इलै जु कुई ईं दुनियां की बुरी बातों से प्यार करदु, उ खुद अफ तैं परमेस्वर को दुसमन बणै देन्दु। See the chapter |