याकूब 2:3 - गढवली नयो नियम3 अर तुम वे मंहगा कपड़ा पैर्यां आदिम तैं देखि के आदरपूर्वक बुलयां कि “श्रीमान तुम इख अच्छी जगह मा बैठी जावा” अर वे गरीब आदिम तैं देखि के बोला “तु इना खड़ो रौ” या इख “मेरा खुट्टा का संमणी बैठी जा।” See the chapterGarhwali3 अर तुम वे मनखि कू जैन मैंगा कपड़ा पैरयां हो आदर-सम्मान कैरिके बुल्द्यां कि, “श्रीमान, तुम ईं अच्छी जगा मा बैठि जा,” पर तुम वे गरीब मनखि कू बुल्द्यां, कि “तू इनै खड़ु रौ” या “इख भ्वीं मा बैठि जा,” See the chapter |