26 जन देह, सांसों बगैर मुरीं च, उन ही विश्वास भि अच्छा कामों का बगैर बेकार च।
26 इलै जन सरील आत्मा का बिना मुरयूं च, उन्नि बिस्वास भि कामों का बिना मुरयूं च।