26 मि आनन्द से भुरे ग्यों अर बुल्दो छों, अर मेरू शहर भि आस मा बणयुं रालो।
26 इलै मेरु मन खुश च अर मि परमेस्वर का गीत गान्दु, अर मितैं आस च की तुम मेरा सरील तैं बचै के रखिल्या।