1 थिस्सलुनीकी 2:11 - गढवली नयो नियम11 जन तुम जंणदा छा, कि जन बुबा अपड़ा नौंनो का दगड़ी बरतौ करदो उन ही हम भि तुम मा बट्टी हरेक तैं तसल्ली दींद छा अर उपदेश दींद छा अर समझौंदा छा। See the chapterGarhwali11-12 तुम अच्छी तरौं से ही जणद्यां कि जन बुबा अपणा नौनो तैं हिम्मत अर दिलासा देन्दु, ठिक उन्नि प्यारु व्यौहार हम भि तुमरा दगड़ा मा रखद्यां, ताकि तुमरो चाल-चलन परमेस्वर तैं पसन्द औण वळु हो। अर वु ही च जु कि तुमतै अपणा राज को सदस्य बणाणु खुणि अर अपणी महानता को भागी होणु खुणि बुलान्दु। See the chapter |