दिब्य दरस 3:3 - Garhwali3 अर याद कैरा कि ज्वा शिक्षा तुमुन पै अर सुणी, वीं शिक्षा को पालन कैरा अर मन से पस्ताप कैरा। अर अगर जु तुम चौकस नि रैल्या, त मि कै बगत तुमरा पास ऐ जौलु तुमतै ईं बात कि खबर नि लगण, किलैकि मिन एक चोर का जन अचानक से तुमरा पास औण। See the chapterगढवली नयो नियम3 वीं शिक्षा तैं याद कैर जु तिल भौत पैली सूंणि छै अर स्वीकार कैरी छै। जु त्वे तैं सिखै गै छै वेको अनुसरण कैर, अपड़ी लापरवाही बट्टी मन फिरौ। जु तू लापरवाही कनी रैलि त मि अचानक औलु, जन रात मा एक चोर आंद, अर तू वे बगत तैं भि नि जांणि सकली जब मि त्वे तैं दण्ड दींणु कु औलु। See the chapter |