दिब्य दरस 2:13 - Garhwali13 “मि जणदु छौं, कि तुम वे नगर मा रौन्द्यां जख शैतान की राजगद्दी च, मगर फिर भि तुमरो भरोसा मि पर बणयूं रै। अर जब लोगु न मेरा भरोसामन्द गवा अन्तिपास तैं तुमरा नगर मा जान से मर दिनी, तब भि तुमरो बिस्वास मि पर बणयूं रै। See the chapterगढवली नयो नियम13 मि जंणदु छो कि तेरु शहर शैतान का वश मा च, पर यांका बावजूद तिल मि पर अपड़ा विश्वास तैं कसी के पकड़ी के रखि अर तिल मेरी शिक्षाओं तैं नि छोड़ी, इख तक कि तब भि न जब भौत बगत पैली अन्तिपास की हत्या किये गै छै। उ मेरा वचनों का प्रचार कन मा विश्वासयोग्य छो, इलै वे तैं तेरा शहर मा मरै गै जु शैतान का वश मा च। See the chapter |