दिब्य दरस 19:2 - Garhwali2 किलैकि वेको न्याय सच्चु अर सही च, अर वेन वीं बड़ी वेश्या तैं दण्ड दियाली, जिं न गळत सम्बन्ध बणौण से धरती तैं भ्रष्ट कैरी दिनी, अर परमेस्वर का भौत सा सेवकों तैं जान से मार दिनी, इलै परमेस्वर न वीं बटि अपणा सेवकों का ल्वे को बदला लिनी।” See the chapterगढवली नयो नियम2 वेकी स्तुति कैरा किलैकि पिता परमेश्वर सा सभि फैसला सच्चा छिनी। वेल बदनाम वेश्या को न्याय कैरी किलैकि वेल दुनिया का लुखुं तैं पाप कनु कु उकसै। पिता परमेश्वर ल वेश्या को न्याय कैरी के बदला लये किलैकि वेका दास वीं का द्वारा ल्वे बुगांण का कारण मरै गै छा।” See the chapter |