Online Bible

- Advertisements -




फिलिप्पी 2:2 - Garhwali

2 इलै मि भि इन चान्दु कि तुम एक-दुसरा से और भि जादा प्यार करा। अर एक मन ह्‍वेके रा, अर इन सोच रखा कि तुम सभ्या का सभि एक जन ही छाँ, अर अगर जु तुम इन करिल्या त यां से मितैं बड़ु आनन्द मिललु।

See the chapter Copy

गढवली नयो नियम

2 त फिर मेरा यु आनन्द तैं इन कै पूरो कैरा कि एक मन रावा अर एक ही प्रेम अर एक ही मनसा रखा।

See the chapter Copy




फिलिप्पी 2:2

Follow us:

Advertisements


Advertisements