खास चेलों 2:3 - Garhwali3 तब ऊंतैं आग की तरौं भौत सरी जीब दिखैनि, जु की अलग-अलग ह्वेके हरेक मनखि मा ऐके बैठि गैनी। See the chapterगढवली नयो नियम3 तब ऊँका समणी इन ज्वाला प्रकट हवे जैको आकार जीभ का जन छो, जु अलग हवे के ऊंमा बट्टी हरेक आदिम पर ए के ठैरदी गै। See the chapter |