3 इआं सबी मन्ज अहै भी पैहलै अपणै जीवन जो इन्या ही बितान्दै थियै, अपणै पापी स्वभाव अतै इच्छा जो पुरा करदै थियै, असल मन्ज अहै भी सबी सांईयै प्रमात्मैं रै क्रोध रै भागी थियै।