Online Bible

- Advertisements -




भजन-संहिता 30:5 - पबितर बाईबलसमकालीन छत्तीसगढ़ी अनुवाद

5 काबरकि ओकर गुस्सा छीन भर के होथे, पर ओकर किरपा ह जिनगी भर रहिथे; रोवई ह रथिया भर रह सकथे, पर आनंद के समय ह बिहनियां आथे।

See the chapter Copy




भजन-संहिता 30:5

Follow us:

Advertisements


Advertisements