भजन-संहिता 141:5 - पबितर बाईबलसमकालीन छत्तीसगढ़ी अनुवाद5 धरमी जन ह मोला मारय—मोर ऊपर येह एक दया के बात होही; ओह मोला डांटय—येह मोर मुड़ म तेल चुपरे सहीं होही। मोर मुड़ ह येला इनकार नइं करही, काबरकि मोर पराथना ह तब भी दुस्ट काम करइयामन के बिरूध होही। See the chapter |