गनती 35:33 - पबितर बाईबलसमकालीन छत्तीसगढ़ी अनुवाद33 “ ‘ओ देस ला असुध झन करव, जिहां तुमन रहत हव। खून करई ह देस ला असुध कर देथे, अऊ ओ देस बर पछताप नइं करे जा सकय, जिहां खून बहाय गे हवय; पछताप सिरिप ओ मनखे के खून के दुवारा होथे, जऊन ह खून बहाय हवय। See the chapter |