2 एकरसेति राजा ह मोर ले पुछिस, “जब तेंह बेमार नइं अस, त फेर तोर मुहूं ह काबर उतरे हवय? येह मन के उदासी के अलावा अऊ कुछू नइं हो सकय।” तब मेंह अब्बड़ डर गेंव,