17 तोर पहरेदारमन टिड्डीमन सहीं अंय, तोर करमचारीमन टिड्डीमन के दल सहीं अंय जऊन मन ठंड के दिन म दीवारमन म रहिथें— पर जब सूरज निकलथे त ओमन उड़ जाथें, अऊ कोनो नइं जानंय कि ओमन कहां जाथें।