Bible and Study - BibliaTodo
Bibles, commentaries, dictionary, free reading plans, and more...
5.0★★★★★
47 “ओ सेवक जऊन ह अपन मालिक के ईछा ला जानथे, पर तियार नइं रहय या जऊन बात ला ओकर मालिक चाहथे ओला नइं करय, त ओ सेवक ह बहुंत मार खाही।