लैव्य-ब्यवस्था 21:10 - पबितर बाईबलसमकालीन छत्तीसगढ़ी अनुवाद10 “ ‘अपन भाईमन म जऊन ह महा पुरोहित होवय, जेकर मुड़ म अभिसेक के तेल रितोय गे हवय अऊ जऊन ला पुरोहित के ओनहा पहिरे बर अभिसेक करे गे हवय, ओह अपन मुड़ के चुंदी ला झन छरियावय या ओह अपन ओनहा ला झन चीरय। See the chapter |