लैव्य-ब्यवस्था 17:15 - पबितर बाईबलसमकालीन छत्तीसगढ़ी अनुवाद15 “ ‘कोनो मनखे, चाहे ओह देस म जनमे होवय या परदेसी, यदि ओह पहिले से मरे पसु या कोनो जंगली पसु के दुवारा चिरे-फारे पसु के मांस ला खाथे, त ओला अपन ओनहा ला धोना अऊ पानी म नहाना चाही, अऊ ओह संझा के होवत तक बिधि मुताबिक असुध रहिही; तब ओह सुध होही। See the chapter |