लैव्य-ब्यवस्था 11:4 - पबितर बाईबलसमकालीन छत्तीसगढ़ी अनुवाद4 “ ‘कुछू पसुमन होथें, जऊन मन या तो सिरिप पागुर करथें या फेर सिरिप फटे खुर के होथें; ओमन ला तुमन झन खाहू। ऊंट—हालाकि येह पागुर करथे, पर येकर खुर फटे नइं रहय; येह तुम्हर बर बिधि के मुताबिक असुध अय। See the chapter |