14 अऊ सर्वसक्तिमान परमेसर ह ओ मनखे ला तुम्हर ऊपर दयालु करय, ताकि ओह तुम्हर दूसर भाई अऊ बिनयामीन ला तुम्हर संग वापिस आवन दे। यदि में बिगर बंस के हो जावंव, त हो जावंव।”