2 इतिहास 34:27 - पबितर बाईबलसमकालीन छत्तीसगढ़ी अनुवाद27 काबरकि तोर मन ह उत्तरदायी होईस अऊ तेंह परमेसर के आघू म अपनआप ला नम्र करय, जब तेंह ये जगह अऊ इहां के मनखेमन के बिरूध म ओकर बात ला सुनय, अऊ काबरकि तेंह मोर आघू म अपनआप ला नम्र करय अऊ अपन ओनहा ला चीरके मोर आघू म रोवय, एकरसेति मेंह तोर बात ला सुने हंव, यहोवा ह घोसना करत हे। See the chapter |