1 समूएल 29:4 - पबितर बाईबलसमकालीन छत्तीसगढ़ी अनुवाद4 पर दूसर पलिस्ती सेनापतिमन आकीस ऊपर गुस्सा होईन अऊ कहिन, “ओ मनखे ला वापिस भेज, ताकि ओह ओ जगह ला जावय, जेला तेंह ओकर बर ठहिराय हस। ओला हमर संग लड़ई म बिलकुल ही नइं जाना हे, नइं तो ओह लड़ई चलत समय हमर बिरूध हो जाही। बने बात ये होही कि ओह अपन मालिक के मन फेर जीतय, एकर बदले कि ओह हमर मनखेमन के मुड़ काटय। See the chapter |