18 काबरकि तुमन जानत हव कि तुम्हर खोखला जिनगी, जऊन ह तुम्हर पुरखामन ले चले आवथे, ओकर छुटकारा सोन या चांदी जइसने नासमान चीज के दुवारा नइं होय हवय,