रोमी 8:5 - देउखरिया थारु5 जोन मनैनहे पाप अधिनमे कर्ले रथिन, ओइने पाप भरल बातके बारेमे किल सोँच्थाँ। पर जेनहे पवित्र आत्मा नियन्त्रण करल रथिन, ओइने आत्माहे खुशी बनैना बातहे किल सोँच्थाँ। See the chapterदङ्गौरा थारू5 आपन पाप स्वभावक अधीनम चल्ना मनै पाप स्वभावक इच्छम मन लगैठ तर पवित्र आत्मा अनुसार चल्ना मनैजुन पवित्र आत्मक इच्छम मन लगैठ। See the chapter |