लूका 5:32 - देउखरिया थारु32 मै ओइन्हे बलाई नै अइनु, जेने अपनहे धर्मी मन्थाँ। पर मै पापीनहे बलाई अइनु, ताकि ओइने पाप करना छोरदिँत और अपन मन बद्लिँत।” See the chapterदङ्गौरा थारू32 असहेँक मै आपन मन परिवर्तन करपर्ना पापी मनैन बलाए आरनु, तर ठीक जीवन जिना मनैन नाहीँ।” See the chapter |