37 किकेकने मोइ तेउह्रासब्के कहतम्, धर्मक कितापयँ ‘ओनेन् अपराधिसाङ गनिकेभइल’ कइकुन लेख्ल कुरा मेर जिबनयँ पुरा भइके नइ पोरित। साच्चिकइ मेर बारेयँ लेख्ल कुरा पुरा भइराख्ते बाटइ।”