6 यदि उसे घरक मानुसेइ सान्ति रुचातात् कने उसबेइ सान्ति पाउताहात्। तर उसबेइ सान्ति नारुचाओत कने तेउह्र आसिक तेउह्रसब्कलघि नइ फर्किकुन आइत।