36 केहाउ दिनपाछु पावलेइ बारनाबासके कहल, “हामे जोनो-जोनो सहरयँ परमेसोरक बचन सुनाल रहिँर, आबे फेरि उसे ठाउयँ जाइकुन उछिक दाजुभाइसब्के भेटिकुन के-कस्न बाटत बुझउ।”