47 किकेकने प्रभुइ हाम्राके यस्न आग्या देइकेभइल बाटत, “‘पिर्थिबि भरिक मानुससबेइ मुक्ति पाउस कइकुन, मोइ तेह्राके अरु जातसब्क माझयँ जोति भइके छान्ल बाटम।’”