रोमियों 9:8 - किताब-ए मुक़द्दस8 चुनाँचे लाज़िम नहीं कि इब्राहीम की तमाम फ़ितरती औलाद अल्लाह के फ़रज़ंद हों बल्कि सिर्फ़ वही इब्राहीम की हक़ीक़ी औलाद समझे जाते हैं जो अल्लाह के वादे के मुताबिक़ उसके फ़रज़ंद बन गए हैं। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 या'नी कि जिस्मानी फ़र्ज़न्द ख़ुदा के फ़र्ज़न्द नहीं बल्कि वा'दे के फ़र्ज़न्द नस्ल गिने जाते हैं। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा8 इस से मुराद ये है: जिस्मानी तौर पर पैदा होने वाले फ़र्ज़न्द ख़ुदा के फ़र्ज़न्द नहीं बन सकते बल्के सिर्फ़ वह जो ख़ुदा के वादे के मुताबिक़ पैदा हुए हैं, हज़रत इब्राहीम की नस्ल शुमार किये जाते हैं। See the chapter |