रोमियों 8:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 मूसवी शरीअत हमारी पुरानी फ़ितरत की कमज़ोर हालत की वजह से हमें न बचा सकी। इसलिए अल्लाह ने वह कुछ किया जो शरीअत के बस में न था। उसने अपना फ़रज़ंद भेज दिया ताकि वह गुनाहगार का-सा जिस्म इख़्तियार करके हमारे गुनाहों का कफ़्फ़ारा दे। इस तरह अल्लाह ने पुरानी फ़ितरत में मौजूद गुनाह को मुजरिम ठहराया See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 इसलिए कि जो काम शरी'अत जिस्म की वजह से कमज़ोर हो कर न कर सकी वो ख़ुदा ने किया; या'नी उसने अपने बेटे को गुनाह आलूदा जिस्म की सूरत में और गुनाह की क़ुर्बानी के लिए भेज कर जिस्म में गुनाह की सज़ा का हुक्म दिया। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा3 इसलिये जो काम गुनाह आलूदा जिस्म के सबब से शरीअत कमज़ोर होकर न कर सकी वह ख़ुदा ने अपने-अपने ही बेटे को गुनाह की क़ुर्बानी के तौर पर गुनाह आलूदा जिस्म की सूरत में भेज कर जिस्म में गुनाह की सज़ा का हुक्म दिया। See the chapter |