रोमियों 4:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 लेकिन जब लोग काम नहीं करते बल्कि अल्लाह पर ईमान रखते हैं जो बेदीनों को रास्तबाज़ क़रार देता है तो उनका कोई हक़ नहीं बनता। वह उनके ईमान ही की बिना पर रास्तबाज़ क़रार दिए जाते हैं। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 मगर जो शख़्स काम नहीं करता बल्कि बेदीन के रास्तबाज़ ठहराने वाले पर ईमान लाता है उस का ईमान उसके लिए रास्तबाज़ी गिना जाता है। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा5 मगर जो शख़्स अपने काम पर नहीं बल्के बेदीनों को रास्तबाज़ ठहराने वाले ख़ुदा पर ईमान रखता है, उस का ईमान उस के लिये रास्तबाज़ी शुमार किया जाता है। See the chapter |