रोमियों 4:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 जब लोग काम करते हैं तो उनकी मज़दूरी कोई ख़ास मेहरबानी क़रार नहीं दी जाती, बल्कि यह तो उनका हक़ बनता है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 काम करनेवाले की मज़दूरी बख़्शिश नहीं बल्कि हक़ समझी जाती है। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा4 जब कोई शख़्स काम कर के अपनी उजरत हासिल करता है तो उस की उजरत बख़्शिश नहीं बल्के उस का हक़ समझी जाती है। See the chapter |