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रोमियों 3:28 - किताब-ए मुक़द्दस

28 क्योंकि हम कहते हैं कि इनसान को ईमान से रास्तबाज़ ठहराया जाता है, न कि आमाल से।

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इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019

28 चुनाँचे हम ये नतीजा निकालते हैं कि इंसान शरी'अत के आमाल के बग़ैर ईमान के ज़रिए से रास्तबाज़ ठहरता है।

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उर्दू हमअस्र तरजुमा

28 चुनांचे हम इस नतीजा पर पहुंचते हैं के इन्सान शरीअत पर अमल करने से नहीं बल्के ईमान लाने के बाइस ख़ुदा के हुज़ूर में रास्तबाज़ ठहरता है।

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रोमियों 3:28

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