मुकाशफ़ा 2:20 - किताब-ए मुक़द्दस20 लेकिन मुझे तुझसे यह शिकायत है, तू उस औरत ईज़बिल को जो अपने आपको नबिया कहती है काम करने देता है, हालाँकि यह अपनी तालीम से मेरे ख़ादिमों को सहीह राह से दूर करके उन्हें ज़िना करने और बुतों को पेश की गई क़ुरबानियाँ खाने पर उकसाती है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201920 पर मुझे तुझ से ये शिकायत है कि तू ने उस औरत ईज़बिल को रहने दिया है जो अपने आपको नबिया कहती है, और मेरे बन्दों को हरामकारी करने और बुतों की क़ुर्बानियाँ खाने की ता'लीम देकर गुमराह करती है See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा20 लेकिन मुझे तुझ से यह शिकायत है के तूने उस औरत ईज़बिल को अपने दरमियान रहने दिया, जो अपने आप को नबिया कहती है। और मेरे ख़ादिमो को जिन्सी बदफ़ेली करने और बुतों को नज़र की गई क़ुर्बानियों का गोश्त खाने की तालीम दे कर गुमराह करती है। See the chapter |