मुकाशफ़ा 15:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 मैंने शीशे का-सा एक समुंदर भी देखा जिसमें आग मिलाई गई थी। इस समुंदर के पास वह खड़े थे जो हैवान, उसके मुजस्समे और उसके नाम के नंबर पर ग़ालिब आ गए थे। वह अल्लाह के दिए हुए सरोद पकड़े See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 फिर मैंने शीशे का सा एक समुन्दर देखा जिसमें आग मिली हुई थी; और जो उस हैवान और उसके बुत और उसके नाम के 'अदद पर ग़ालिब आए थे, उनको उस शीशे के समुन्दर के पास ख़ुदा की बर्बतें लिए खड़े हुए देखा। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा2 फिर मैंने शीशे का सा एक समुन्दर देखा जिस में आग मिली हुई थी। मैंने उस शीशे के समुन्दर के किनारे पर उन लोगों को खड़े हुए देखा, जो हैवान और उस की बुत और उस के नाम के अदद पर ग़ालिब आये थे। उन के हाथों में ख़ुदा की दी हुई बरबतें थीं। See the chapter |